नई दिल्ली। 108 th India Science Congress : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (ISC) को संबोधित किया है। पांच दिवसीय सत्र राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया है।108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस इस वर्ष अपनी शताब्दी मना रहा है। ISC का पिछला संस्करण जनवरी 2020 में बेंगलुरु में हुआ था। तो वहीं यदि इसके पहले सत्र की बात करें तो आईएससी का पहला सत्र 1914 में आयोजित किया गया था।
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“महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी”
108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस के इस वर्ष के का विषय “महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी” पर आधारित है। इस दौरान महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों की समावेशी भागीदारी के साथ सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने और समग्र विकास, समीक्षा की गई अर्थव्यवस्थाओं और स्थायी लक्ष्यों पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है।
108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में ये नेता हुए शामिल
108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (108 th India Science Congress) में कई प्रमुख नेता शामिल हुए थे। जिसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल और महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के चांसलर, भगत सिंह कोश्यारी, केंद्रीय मंत्री और आरटीएमएनयू शताब्दी समारोह की सलाहकार समिति के अध्यक्ष, नितिन गडकरी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री, जितेंद्र सिंह, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शामिल हुए थे। इसके साथ ही राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुभाष आर. चौधरी, भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन (आईएससीए), कोलकाता के महासचिव डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना मौजूद रहे थे।
जानिए 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस की 5 बड़ी बातें
- साल 2023 में आयोजित किए गए 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस की एक अनूठी पहचान ‘चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस’ है। इसका आयोजन बच्चों को उनके वैज्ञानिक स्वभाव और ज्ञान का उपयोग करने के लिए किया गया है। इसके साथ ही वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से उनकी रचनात्मकता को साकार करने का अवसर दिया जाता है।
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108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस सत्र में ‘किसान विज्ञान कांग्रेस‘ पर चर्चा होगी जो जैव-अर्थव्यवस्था में सुधार करने और युवाओं को कृषि के प्रति आकर्षित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।
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108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस सत्र में ‘आदिवासी विज्ञान कांग्रेस’ भी शामिल किया गया है, जो आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करती है। इसके साथ ही स्वदेशी प्राचीन ज्ञान प्रणालियों और अभ्यास के वैज्ञानिक प्रदर्शन के लिए भी एक मंच प्रदान किया गया है।
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108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस सत्र में अंतरिक्ष, रक्षा, आईटी और चिकित्सा अनुसंधान सहित विभिन्न प्रकार के क्षेत्रों के नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रमुख भारतीय और विदेशी शोधकर्ता, विशेषज्ञ और टेक्नोक्रेट शामिल हुए हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महिलाओं के योगदान को दिखाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध महिला वैज्ञानिक लेक्चर देंगी।
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एक विशेष मेगा एक्सपो कार्यक्रम ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ देश भर से सरकार, कॉर्पोरेट, सार्वजनिक उपक्रमों, शैक्षणिक और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों और उद्यमियों की ताकत और उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा।
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