देहरादून: Uttarakhand BJP पिछले एक वर्ष से दायित्व पाने की आस बांधे भाजपा नेताओं को जल्द तोहफा मिलने जा रहा है। विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद अब मुख्यमंत्री पार्टी नेताओं को सरकारी विभागों में अहम दायित्व सौंपने की तैयारी में हैं। अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो अगले कुछ दिनों में दायित्वों का वितरण हो जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार मुख्यमंत्री अब कभी भी दायित्व वितरण कर सकते हैं।
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दायित्व, यानी विभिन्न विभागों के अंतर्गत गठित समितियों, परिषदों, आयोगों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद, जिन्हें कैबिनेट या राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है। यह परंपरा रही है कि भाजपा हो या कांग्रेस, जो भी पार्टी सत्ता में आती है, वह अपने नेताओं को इन पदों पर नियुक्त करती है।
यह परंपरा राज्य की पहली निर्वाचित सरकार के समय से ही चली आ रही है। सामान्यतया जो नेता विधानसभा चुनाव में टिकट पाने से वंचित रह जाते हैं, उन्हें दायित्व सौंपे जाते हैं। यद्यपि, कई बार विधायकों भी यह जिम्मेदारी दी जाती है।
भाजपा की पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार (Uttarakhand BJP) के समय मंत्री पद के दर्जे के 60 से अधिक दायित्व पार्टी नेताओं को दिए गए थे। दायित्वधारी नेताओं को मानदेय, आवास, वाहन, स्टाफ समेत कई तरह की सुविधाएं प्राप्त होती हैं।
मार्च 2021 में त्रिवेंद्र के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद पहले तीरथ सिंह रावत व फिर पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बने, लेकिन तब उन्होंने दायित्वों का बंटवारा नहीं किया। मार्च 2022 में धामी दूसरी बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन कुछ पदों को छोड़कर उन्होंने भी दायित्व नहीं बांटे। पिछले दो-तीन महीने के दौरान कई बार दायित्व बंटने की चर्चा जोरशोर से उठी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
अब जबकि अगले सप्ताह धामी सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है, तो संभावना है कि जल्द मुख्यमंत्री पार्टी नेताओं की प्रतीक्षा को समाप्त कर उन्हें दायित्व बांट देंगे। राज्य में इसी वर्ष नगर निकाय चुनाव हैं और लोकसभा चुनाव के लिए भी केवल एक वर्ष का ही समय शेष है। इससे जहां कई नेता एडजस्ट हो जाएंगे, वहीं चुनावी तैयारियों को भी मजबूती मिलेगी। इसे देखते हुए संगठन भी अब जल्द दायित्व वितरण के पक्ष में है।
पार्टी कार्यकत्र्ताओं को जल्द दायित्व वितरित कर दिए जाएंगे। विधानसभा का बजट सत्र समाप्त हो चुका है और केंद्रीय नेतृत्व से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रदेश संगठन के स्तर पर इस संबंध में बैठक हो चुकी है। सत्र के कारण दायित्व वितरण में कुछ विलंब हुआ, लेकिन अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द इस संबंध में निर्णय लेकर कभी भी दायित्वों का बंटवारा कर देंगे।
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