देश के अलग-अलग हिस्सों में कुदरत का कहर,एक दिन में 33 मौत

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अहमदाबाद:देश के अलग-अलग हिस्सों में कुदरत का कहर जारी है। पिछले 5 दिन में देश में बारिश और बाढ़ के चलते 174 मौतें हो चुकी हैं। सिर्फ रविवार को ही बाढ़ प्रभावित तीन राज्यों में 33 मौतें हो गईं जिसमें केरल में 15, गुजरात में 11 और कर्नाटक में 7 जानें जा चुकी हैं। महाराष्ट्र के लोगों को कुछ राहत है यहां पिछले 24 घंटे में एक भी मौत नहीं हुई है। उधर, सांगली और कोल्हापुर में बाढ़ का पानी घटने लगा है। महाराष्ट्र में 7 अगस्त तक 30 मौतें हुई हैं। उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भी भारी बारिश हो रही है। यहां चमोली में मलबे में मकान दबने से 3 की मौत हो गई।

कर्नाटक में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बेलागवी जिला है जहां अगले 5 दिन तक अभी और बारिश होने के आसार हैं। यहां रविवार को नौसेना वायु स्टेशन, आईएनएस हंसा द्वारा एरियल राहत और बचाव अभियान जारी रहा। रविवार को आईएनएस हंसा के नौसेना हेलिकॉप्टरों ने तीन दौरे किए जिसमें 26 फंसे हुए लोगों को बचाकर राहत शिविरों में ले जाया गया।

कर्नाटक के शिमोगा जिले में राजीव गांधी एक्सटेंशन में कई घर बाढ़ के चलते तबाह हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया, ‘कोई भी नेता हमें देखने नहीं आया , न ही मुख्यमंत्री और न ही विपक्ष से कोई आया। हमें खाना तो मिल रहा है लेकिन यहां पानी नहीं है और घर भी बर्बाद हो गए हैं।’ बता दें कि शिमोगा से येदियुरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र सांसद हैं।

कर्नाटक: 1 अगस्त से 40 मौतें

कर्नाटक में बारिश के चलते 1 अगस्त से 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 लापता हैं। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के अनुसार, बेलागवी जिले में अभी अगले 5 दिनों तक मध्यम गति से बारिश होने के आसार हैं। कर्नाटक में 5,81,702 लोगों को बचाया जा चुका है और 1168 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। बाढ़ के चलते कर्नाटक के 17 जिले के 2028 गांव प्रभावित हैं।

कर्नाटक में आई 45 साल में सबसे बड़ी आपदा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के बेलागावी जिले में रविवार को हवाई सर्वे से बाढ़ का जायजा लिया। बाढ़ के चलते कर्नाटक में 6,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। चीफ मिनिस्टर बीएस येदियुरप्पा ने इसे बीते 45 वर्षों में राज्य पर आई सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा करार दिया है। केंद्र सरकार से उन्होंने 3,000 करोड़ रुपये की राशि की मांग की है। येदियुरप्पा ने कहा, ‘एनडीआरएफ की 20 टीमें, सेना की 10 टीमें, नौसने की 5 टीमें और राज्य आपदा प्रबंधन की दो टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हैं।’

उत्तराखंड: चमोली में रात से बारिश, 3 की मौत

उत्तराखंड के चमोली में रात से हो रही बारिश के चलते जलप्रलय की स्थिति हो गई है। यहां बांजबगड़ गांव में आवासीय मकान के पास हुए भूस्खलन के चलते एक मां और उसकी 9 महीने की बच्ची समेत तीन लोगों की दबने से मौत हो गई। बता दें कि उत्तराखंड में बारिश से अब तक जान-माल का भारी नुकसान हो चुका है। बांजबगड़ में भूस्खलन के मलबे में आवासीय मकान के दबने से रूबेशी देवी (35) और नौ महीने की बच्ची की मौत हो गई। इसके अलावा एक अन्य युवती की भी मौत हो गई।

अगले चार दिन तक हो सकती है भारी बारिश

मौसम विभाग ने चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, देहरादून, नैनीताल और पौड़ी जिले में अगले 24 में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक भारी से बहुत भारी बारिश के आशंका जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों 13,14, 15 और 16 को भारी बारिश हो सकती है।

केरल: एक दिन में 15 मौतें, अब तक 76 की जान गई 

केरल में रविवार को 15 और शव मिलने की वजह से मौत का आंकड़ा बढ़कर 76 हो गया है। बारिश की तीव्रता कम होने की वजह से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई लेकिन बचाव दल ने 63 लोगों के बारे में आशंका व्यक्त की, जो अभी भी वायनाड और मलप्पुरम जिलों में बड़े पैमाने पर दो भूस्खलन के बाद लापता बताए जा रहे हैं। केरल में 2.47 लोगों को 1,639 राहत कैंपों में रखा गया है। वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कवलप्परा स्थित राहत कैंपों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की। वह सोमवार को कोझिकोड और वायनाड के राहत शिविरों में भी जाएंगे।

गुजरात: 11 लोगों के शव मिले, दो दिन में 33 की मौत

गुजरात के सौराष्ट्र जिले में रविवार को 11 लोगों की मौत के चलते यहां महज दो दिन में ही मौत का आंकड़ा बढ़कर 33 हो गया है। शनिवार को फाल्कू नदी की तेज जलप्रवाह में 6 मजदूर बह गए थे। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा रविवार को ही पोरबंदर समुद्र तट के किनारे अरब सागर की तेज धाराओं में नाव पलटने से 5 मछुआरे डूब गए थे, सभी के शव मिल गए हैं। इसके अलावा 22 मछुआरे लापता बताए जा रहे हैं।

महाराष्ट्र: पिछले 24 घंटे में एक भी मौत नहीं

महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर में 35 गांव बारिश के चलते पूरी तरह कट गए हैं। सोमवार को कोल्हापुर के पंचगंगा पुल स्थित एनएच 4 को जरूरी सप्लाई ले जाने वाले गाड़ियों के लिए खोला जाएगा। पश्चिमी महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति में सुधार लाने के लिए कर्नाटक में कृष्णा नदी पर अलमाटी बांधी से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। अधिकारी ने बताया कि सतारा में कोयना बांध से 53,882 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है क्योंकि उसके तटबंधीय क्षेत्र में अब भी बारिश हो रही है। फिलहाल राहत की बात यह है कि यहां पिछले 24 घंटे में एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है। महाराष्ट्र में 7 अगस्त तक 30 मौतें हुईं।