Bharat Jodo Yatra 2.0 : राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा 2.0 की एक अलग अंदाज में शुरुआत कर दी है। राहुल गांधी की यह यात्रा पुरानी भारत जोड़ो यात्रा की तरह लगातार पैदल चलने वाली यात्रा की बजाय अलग-अलग राज्यों में रोजमर्रा की जिंदगी में रोज कमाने-खाने वालों से मिलने को लेकर शुरू हुई है। इस कड़ी में राहुल गांधी ने दिल्ली के करोलबाग में मोटर मैकेनिकों से न सिर्फ मुलाकात की, बल्कि उनके काम में हाथ भी बंटाया। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं के मुताबिक राहुल गांधी का रोजमर्रा की जिंदगी में रोज कमाने खाने वालों से मिलने का यह सिलसिला भारत जोड़ो यात्रा का एक बड़ा और अगला हिस्सा ही है। इसे लेकर पार्टी नेताओं ने एक बड़ी योजना बनाई है। इस योजना के तहत राहुल गांधी न सिर्फ मिस्त्री, मैकेनिक, राजगीर, कपड़े प्रेस करने पर वाले, सड़कों की सफाई करने वाले, सुरक्षाकर्मी और होटल रेस्टोरेंट पर काम करने वाले वेटर समेत उन सभी लोगों से मुलाकात करेंगे, जो अपने परिवार का पेट भरने के लिए रोज कमाते हैं उसी से रोज खाते हैं।
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ऐसे हुई है शुरुआत
राहुल गांधी मंगलवार को अचानक करोल बाग मार्केट (Bharat Jodo Yatra 2.0) में एक बाइक बनाने वाले मैकेनिक की दुकान पर उससे मिलने पहुंच गए। इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ में एक ट्रक पर बैठकर पूरा सफर किया था। उसके बाद राहुल गांधी जब अमेरिका गए थे तो उन्होंने भी वहां पर पंजाबी समाज से ताल्लुक रखने वाले एक ट्रक ड्राइवर के साथ लंबा सफर तय किया था। राजनीतिक विश्लेषक जटाशंकर सिंह कहते हैं कि बीते कुछ समय में राहुल गांधी जिस तरीके से अपनी भारत जोड़ो यात्रा के समापन के बाद एक नए अंदाज में लोगों से मिल रहे हैं, वह कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का ही अगला हिस्सा है। उनका मानना है कि राहुल गांधी की यह मुलाकात कांग्रेस पार्टी के लिए आने वाले चुनावों के लिहाज से बूस्टर डोज की तौर पर देखी जा रही है। इस तरीके का एक प्रयास राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनावों के दौरान भी किया था। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेता राजकुमार कश्यप कहते हैं कि राहुल गांधी का ऐसे लोगों से सीधे तौर पर मिलना उनको न सिर्फ लोगों से जोड़ता है, बल्कि कांग्रेस पार्टी को राजनीतिक रूप से मजबूत भी करता है।
यह बनाई है कांग्रेस ने बड़ी योजना
राहुल गांधी की लोगों से सीधे तौर पर जुड़ने की इस शैली को लेकर पार्टी ने भी बहुत कुछ प्लान किया है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में रणनीति बनाने वालों ने इसे और ज्यादा आगे बढ़ाने की योजना तैयार की है। कांग्रेस पार्टी की रणनीति बनाने वालों में शामिल एक प्रमुख नेता कहते हैं कि राहुल गांधी का सीधे तौर पर इन लोगों से जुड़ना पार्टी को एक नई ऊर्जा दे रहा है। यही वजह है कि पार्टी राहुल गांधी की सीधे तौर पर सामान्य लोगों से मिलने के सिलसिले को और आगे व्यापक रूप से बढ़ाने का पूरा रोडमैप तैयार कर चुकी है।
मुलाकात चुनावी राज्यों तक सीमित नहीं
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी का ऐसे लोगों से मिलने का सिलसिला सिर्फ चुनावी राज्यों में ही नहीं चलेगा। वह कहते हैं कि राहुल गांधी उन राज्यों में भी ऐसे ही लोगों से मुलाकात करेंगे, जहां पर फिलहाल विधानसभा चुनाव नहीं होने हैं। इसके पीछे के तर्क को लेकर सियासी जानकारों का मानना है कि दरअसल यह एक तरीके से दिखाने की कोशिश है कि वह इन मुलाकातों के माध्यम से राजनीति नहीं कर रहे हैं। राजनीतिक जानकार और वरिष्ठ पत्रकार जीडी शुक्ला का मानना है कि किसी बड़े राजनेता खासतौर से राहुल गांधी जैसे बड़े कद के नेताओं का इस तरह लोगों से मिलना-जुलना एक सामान्य प्रक्रिया तो नहीं हो सकती है। निश्चित तौर पर इसके पीछे सियासत ही है। हालांकि यह बात अलग है कि किसी भी बड़े कद के नेता का ऐसे लोगों से मिलना-जुलना उन्हें सीधे तौर पर जोड़ता है। वह कहते हैं कि यही वजह है कि राहुल गांधी का यह फॉर्मूला हिट भी माना जा रहा है। शुक्ला का मानना है कि राहुल गांधी ने बीते चुनावों में कर्नाटक में भी ऐसे ही लोगों से मुलाकात की थी और भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra 2.0) के दौरान लगातार ऐसे लोगों से मिलते रहे थे। इसलिए कमाने-खाने वालों से मिलने के फॉर्मूले पर पार्टी लोकसभा के चुनावों के नजरिए से बड़ी फील्डिंग सजा रही है।
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पीएल पुनिया कहते हैं कि उनके नेता राहुल गांधी जिस तरह से सामान्य लोगों से मिलते हैं, तो उन लोगों का हौसला बढ़ता है और हमें उनकी समस्याओं से रूबरू होने का भी एक मौका मिलता है। वह कहते हैं कि उनकी पार्टी ऐसे लोगों से मिलने-जुलने के सिलसिले को लगातार करती रही है और आगे भी करती रहेगी। कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक अन्य वरिष्ठ नेता का मानना है कि राहुल गांधी अगले कुछ महीनों में जिन राज्यों में जाएंगे, वहां पर ऐसे ही लोगों से मुलाकात करने का सिलसिला बढ़ाएंगे। इसके लिए कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों की एक बैठक भी पिछले सप्ताह हुई है। पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की ओर से इस तरीके की बैठक करने का कोई सुझाव नहीं आया है। लेकिन रणनीति के तहत इस हिट हो रहे फॉर्मूले को एक सुनियोजित तरीके से और भारत जोड़ो यात्रा के सतत चलने वाले कार्यक्रम के तहत ही आगे बढ़ाए जाने का पूरा रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसलिए अगले कुछ महीनों में इस तरह से मिलने-जुलने का सिलसिला राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना समेत अन्य राज्यों में भी देखने को मिलेगा।


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