क्यों सुबह का नाश्ता है दोपहर और रात के खाने से ज्‍यादा जरूरी?

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नई दिल्ली


सुबह की भागदौड़ में सारे काम निपटाकर समय पर दफ्तर या कॉलेज पहुंचना लोगों के लिए बड़ा मुश्किल हो जाता है,ऐसे में कई बार लोग अपने नाश्ते के साथ समझौता करना शुरू कर देते हैं। कई लोगों की आदत होती है कि सुबह सोएंगे तो देर तक, लेकिन जब समय नहीं बचेगा तो बिना नाश्ता किए ही घर से निकाल जाएंगे। कुछ लोगों का मानना है कि सुबह नाश्ता नहीं करने और भरपेट लंच करने से उनका वजन संतुलित रहता है, जो कि बिलकुल गलत अवधारणा है।

खाली पेट में एसिड बनता है

सुबह का नाश्ता आपके शरीर के लिए बेहद जरूरी है,अगर आप भी नाश्‍ता नहीं करने वालों में से हैं तो चलिए हम आपको बताते हैं कि सुबह नाश्ता न करना आपके लिए कितना हानिकारक है। नाश्ता नहीं करने से एसिडिटी की समस्या हो जाती है। रात भर नींद लेने के बाद सुबह हमारा पेट खाली रहता है और खाली पेट में एसिड बनता है, जिसके बाद अगर हम नाश्ता न करें तो इस एसिड की वजह से हमारे पेट में एसिडिटी या कब्ज की शिकायत होती है और हमारी पाचन क्रिया बिगड़ जाती है।

सुबह नाश्ता नहीं करने से आपका दिल भी प्रभावित होता है

कुछ लोग वजन कम करने के लिए नाश्ता नहीं करते, लेकिन सुबह नाश्ता न करने से वजन बढ़ता है,जब हम सुबह का नाश्ता नहीं करते तो शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया धीमी हो जाती है जिसकी वजह से शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता कम हो जाती है और मोटापा बढ़ने लगता है। सुबह नाश्ता नहीं करने से आपका दिल भी प्रभावित होता है,इससे शरीर का वजन बढ़ता है जो कि हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है,इसलिए अगर आप अपने दिल का ख्याल रखना चाहते हैं तो सुबह का नाश्ता जरूर करें,नाश्ता नहीं करने से दिमाग प्रभावित होता है,नाश्ता नहीं करने से दिमाग प्रभावित होता है।

माइग्रेन का खतरा भी बढ़ जाता है

अगर खाली पेट काम करना पड़े तो हर किसी को गुस्सा आता है,अगर आप सुबह का नाश्ता नहीं करते तो इससे आपमें चिड़चिड़ाहट होती है, हर छोटी- छोटी बात पर गुस्सा आता है और किसी काम में मन भी नहीं लगता है। सुबह नाश्ता नहीं करने से कुछ जरूरी पोषक तत्व आपके दिमाग तक नहीं पहुंच पाते हैं,दिमाग को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिसकी वजह से दिमाग ठीक से काम करने में असफल होता है,सुबह नाश्ता नहीं करने से हमारे शरीर में ग्लूकोज का स्‍तर कम होने लगता है, जिसे संतुलित रखने के लिए शरीर में कुछ ऐसे हॉर्मोन बनते हैं, जो रक्तचाप बढ़ाते हैं और इस कारण माइग्रेन का खतरा भी बढ़ जाता है।

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