सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग पीड़ित के इंटरव्यू और उसे दिखाने पर रोक लगा दी है

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में रेप के आरोपी की पत्नी भी कानून के शिकंजे में फंस गई हैं. उन्होंने रेप पीड़ित बच्चियों के नाम अपनी फेसबुक पोस्ट में उजागर किए थे.

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नई दिल्ली: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में रेप के आरोपी की पत्नी भी कानून के शिकंजे में फंस गई हैं. उन्होंने रेप पीड़ित बच्चियों के नाम अपनी फेसबुक पोस्ट में उजागर किए थे. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सख्त टिप्पणी की और बिहार सरकार से कहा कि आरोपी की पत्नी को गिरफ्तार करे, क्योंकि उसने अपने फेसबुक एकाउंट पर सभी पीड़ित बच्चियों के नाम उजागर किये थे.

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में रेप के किसी भी मामले में नाबालिग पीड़ित के इंटरव्यू और उसे किसी भी तरह से दिखाने पर रोक लगा दी है. जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने बिहार में मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह में बच्चियों के बलात्कार मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है.

उन्होंने कहा कि आरोपी की पत्नी द्वारा फेसबुक पर विक्टिम का नाम उजागर करना बेहद गंभीर है और कोर्ट ने आदेश दिया कि इन पोस्ट से पीड़ित के नाम तत्काल हटाए जाएं और पोस्ट करने वाली आरोपी की पत्नी को गिरफ्तार किया जाए.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और राज्य कमीशन रेप पीड़ित से बात कर सकते है, बशर्ते उनके साथ मनोवैज्ञानिक हो. कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि हालिया एनजीओ के बारे में किये गए सर्वे की रिपोर्ट पेश करे. मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी.